Thursday, 23 March 2017

#दिसबंर डायरी#4

लड़की को पीला रंग पसंद था..
खुला ,उजला,खिली धूप सा चटक...
पीले रंग से उसे प्यार की खुश्बू आती थी...
वो एक गरमीयों की दोपहर थी
जब लड़की ने उसे पहली बार देखा...
अमलतास के पेड़ के नीचे...
साईकल की चैन चढ़ाते हुए..
कच्चे हरे रंग की शर्ट का असर था शायद
जो पीले अमलतास के फूलों के साथ खूबसूरती के साथ
कंट्रास्ट में थी...या फिर
लड़की को उसके छल्ले बालों का माथे पर बेपरवाह
पड़ा होना भाया था....
कुछ तो हुआ था उस पल..
लड़की के ख्बबों में अब अकसर पीले अमलतास के फूल आने लगे थे.....
धूप की खुश्बू और बढ. गयी थी.....
लड़की के कदम अब उस अमलतास के पास से गुज़रते धीमे हो जाते...
ना वहां साईकल होती थी..ना वो छल्ले बाल...
फिर भी लड़की बेसाख्ता मुस्कुराती थी वहां से गुजरते हुऐ...
वो दिन आंधी भरा था...गरजते हुए बादल...
लड़की बारिश शुरू होने से पहले घर पहुंचना चाहती थी..
तेज कदमों से चलती लड़की अचानकी ठिठकी थी..
ठीक अमलतास के नीचे खड़ी साइकल..छल्ले बाल...
बरहाल शर्ट आज आसमानी थी...खुले से आसमानी नीले रंग की...
लड़की के धीमे होते कदम और तेज़ होती बू़ंदें...
परफेक्ट टाईमिंग के साथ बारिश तभी तेज हुई
जिस पल लड़की अमलतास के पास पहुंची...
अमलतास बहुत खुश था....
उसके पीले फूल, आसमानी शर्ट और
हलका जामुनी दुपट्टा....
इंद्रधनुष जैसे आज अमलतास के नीचे निकला था...
कुछ पलों का वो साथ...और कुदरत की वो जादूगरी...
आसमानी शर्ट और जामुनी दुपट्टा अब साथ साथ सूखते है़
उस कोने वाले घर के आंगन में बंधे तार पर
जिसके बाहर अमलतास का पेड. पीले फूल बिखेरता है..
खिली धूप से चटख पीले फूल....!!!