सर्दियों की एक शाम
बारिशों से लिखा ख़त था किसी बादल के नाम, मेरे घर पहुंचा था भूल से सर्दियों की एक शाम...!
Sunday, 5 February 2017
खुशबू को बहुत शौक है फैलै, मगर ये शौक
मुमकिन नहीं हवाओं से रिश्ता किये बगैर...
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