एक थी लड़की, खूबसूरत और शर्मीली सी...जो रहती थी ख्बाबों में ज्यादा...दुनिया में थोड़ा कम..
पढ़ती थी किताबों में प्यार वाली कहानियां और सोचती रहती थी न जाने क्या...
फिर एक दिन एक लड़का उसकी जिंदगी मे आया...और लड़की की दुनिया जैसे बदल गयी..
अब लडकी कहानियां नहीं पढ़ती थी....गाने सुनती थी...प्यार वाले गाने...
पहले से ज्यादा सुंदर हो गयी थी....लडकी भी और उसकी दुनिया भी.....
लड़का इस सब से बेखबर नहीं था......मगर हंसता था लड़की के दीवानेपन पर...
दिसंबर का वो महीना बसंत बन गया था जैसे....हर तरफ फूल थे...खुशबू वाले...
फिर एक दिन सब कुछ बदल गया....
लड़के को बुलावा आ गया परदेस से....उसे जाना था....जिदंगी मे आगे बढ़ना था...
जाने से पहले लड़का मिलने आया...
लड़की हंसकर विदा कर रही थी...
रोकने या रूकने का रिश्ता नहीं था दोनों के बीच...
'फिर मिलेंगे', ऐसा कोई वादा भी नहीं था...
तभी जोर से बारिश होने लगी...
लड़की ने चुपके से बादल को शुकि्या कहा...
और बारिश की बूंदों में एक आंसू को घुल जाने दिया....
उस साल खूब बरसातें हुईं ....
आज भी लडकी खूबसूरत है...
पर पहले से थोड़ा सा कम...
अब भी शर्मीली सी है...
लेकिन अब दुनिया में ज्यादा रहती है...
ख्बाबों में थोड़ा कम...
हां दिसंबर आज भी उसका फेवरिट महीना है.....
और लड़का....जब भी बारिश होती है तो भीगता है ....
और चुपके से बहा देता है उस एक आंसू को जो सहेजा था उसने ....
कुछ बीस बरस पहले....!
पढ़ती थी किताबों में प्यार वाली कहानियां और सोचती रहती थी न जाने क्या...
फिर एक दिन एक लड़का उसकी जिंदगी मे आया...और लड़की की दुनिया जैसे बदल गयी..
अब लडकी कहानियां नहीं पढ़ती थी....गाने सुनती थी...प्यार वाले गाने...
पहले से ज्यादा सुंदर हो गयी थी....लडकी भी और उसकी दुनिया भी.....
लड़का इस सब से बेखबर नहीं था......मगर हंसता था लड़की के दीवानेपन पर...
दिसंबर का वो महीना बसंत बन गया था जैसे....हर तरफ फूल थे...खुशबू वाले...
फिर एक दिन सब कुछ बदल गया....
लड़के को बुलावा आ गया परदेस से....उसे जाना था....जिदंगी मे आगे बढ़ना था...
जाने से पहले लड़का मिलने आया...
लड़की हंसकर विदा कर रही थी...
रोकने या रूकने का रिश्ता नहीं था दोनों के बीच...
'फिर मिलेंगे', ऐसा कोई वादा भी नहीं था...
तभी जोर से बारिश होने लगी...
लड़की ने चुपके से बादल को शुकि्या कहा...
और बारिश की बूंदों में एक आंसू को घुल जाने दिया....
उस साल खूब बरसातें हुईं ....
आज भी लडकी खूबसूरत है...
पर पहले से थोड़ा सा कम...
अब भी शर्मीली सी है...
लेकिन अब दुनिया में ज्यादा रहती है...
ख्बाबों में थोड़ा कम...
हां दिसंबर आज भी उसका फेवरिट महीना है.....
और लड़का....जब भी बारिश होती है तो भीगता है ....
और चुपके से बहा देता है उस एक आंसू को जो सहेजा था उसने ....
कुछ बीस बरस पहले....!
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